Tag: Hindi poems

कटती सी घास

तो कट गई है घास?क्या उगी हुई थी घास?कितने समय से उगी…

Heerak Singh Kaushal Heerak Singh Kaushal

झरोखा

एक अलग दुनिया है,झरोखे के उस पार,जो मेरी दुनिया से बहुत अलग…

Saumya Sharma Saumya Sharma

यदि कुछ हो तो

यदि समेटना हो तुम्हारे अस्तित्व को कल्पनाओं के साथ,तो किससे समेटूं?क्या दुनियावी…

Heerak Singh Kaushal Heerak Singh Kaushal

दुविधा

आओ सुनाएं कहानी सार में:इक बार बैठे बैठे दरबार में,साधारण से मुशायरा…

Vaishali Thakur Vaishali Thakur

आम आदमी।

नए चमकदार कपड़े पहनेबच्ची का हाथ थामेएक सांवला अधेड़ आदमीउससे पूछ रहा…

Vaishali Thakur Vaishali Thakur

रंग

कहानियाँ तो बहुत हैं, तुम कौन सी चुनोगे,कहना भी बहुत कुछ है,…

Saumya Sharma Saumya Sharma

बोलो चंद्रमा

अक्सर टांक देते हैं संजो कर कवि चांद को छंदों के साथ…

Heerak Singh Kaushal Heerak Singh Kaushal

चार दिवारी

घर में कैद हूं मैं,बहुत दिनों से चार दिवारी में हूं।ना दस्तक…

Saumya Sharma Saumya Sharma

ब्रह्मांड

मैंने स्वयं को दो ब्रह्मांडों के मध्यस्थ पाया है,एक से दूसरी छोर…

Heerak Singh Kaushal Heerak Singh Kaushal

तुम पर एक कविता।

बरसों से किताबों में,आशिकों ने वस्ल के मायने लिखेहिज्र की रातें लिखीमोहब्बत…

Vaishali Thakur Vaishali Thakur