तो कट गई है घास?क्या उगी हुई थी घास?कितने समय से उगी…
एक अलग दुनिया है,झरोखे के उस पार,जो मेरी दुनिया से बहुत अलग…
यदि समेटना हो तुम्हारे अस्तित्व को कल्पनाओं के साथ,तो किससे समेटूं?क्या दुनियावी…
आओ सुनाएं कहानी सार में:इक बार बैठे बैठे दरबार में,साधारण से मुशायरा…
नए चमकदार कपड़े पहनेबच्ची का हाथ थामेएक सांवला अधेड़ आदमीउससे पूछ रहा…
कहानियाँ तो बहुत हैं, तुम कौन सी चुनोगे,कहना भी बहुत कुछ है,…
अक्सर टांक देते हैं संजो कर कवि चांद को छंदों के साथ…
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